चांदी का भाव 13 साल के शिखर पर, दिवाली तक 1.20 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की उम्मीद
चांदी (सिल्वर) ने इस साल निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है और अब यह 13 साल के उच्चस्तर पर पहुंच गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का भाव 1,12,500 रुपये प्रति किलो के स्तर को पार कर चुका है। विश्लेषकों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग बढ़ने और रुपये में गिरावट के कारण दिवाली तक चांदी 1,20,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है।
चांदी की कीमतों में उछाल के प्रमुख कारण
वैश्विक आपूर्ति में कमी:
मेक्सिको और पेरू जैसे प्रमुख उत्पादक देशों में खनन उत्पादन घटा है।
औद्योगिक मांग (सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स) में 15% की वृद्धि हुई है।
निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी:
ETF और डिजिटल सिल्वर में निवेश पिछले 6 महीने में 25% बढ़ा है।
चांदी को “गरीबों का सोना” मानते हुए छोटे निवेशक बड़ी संख्या में जुड़ रहे हैं।
डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट:
USD/INR 84.20 के स्तर पर पहुंचा है, जिससे आयातित चांदी महंगी हुई है।
चांदी के भाव का ऐतिहासिक डेटा (MCX)
वर्ष औसत वार्षिक मूल्य (रु./किलो) वार्षिक रिटर्न
2020 48,000 22%
2023 72,500 18%
2025 (अब तक) 1,12,500 35%
दिवाली तक की संभावित राह
सकारात्मक कारक:
फेस्टिव सीजन में ज्वैलरी मांग बढ़ेगी
अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना
जोखिम:
यदि ईरान-इजरायल तनाव कम होता है तो सुरक्षित निवेश की मांग घट सकती है
चीन की अर्थव्यवस्था में मंदी के संकेत
निवेशकों के लिए सलाह
शार्ट-टर्म ट्रेडर्स:
1,08,000-1,10,000 रुपये के सपोर्ट जोन पर खरीदारी करें
लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स:
SIP के तहत डिजिटल सिल्वर या ETF में निवेश जारी रखें
ज्वैलरी खरीदार:
अगस्त-सितंबर में खरीदारी करें (मांग कम होने पर बेहतर दाम मिलेंगे)
विशेषज्ञों की राय
“चांदी ने सोने को पीछे छोड़ दिया है। हमारा लक्ष्य दिवाली तक 1,18,000-1,20,000 रुपये है, बशर्ते डॉलर इंडेक्स 102 से ऊपर न जाए।”
“औद्योगिक उपयोग बढ़ने से चांदी का मूल्यांकन (वैल्युएशन) स्थायी रूप से बदल गया है। यह अब सिर्फ कीमती धातु नहीं, बल्कि टेक मेटल बन चुकी है।”
सरकार की भूमिका
आयात शुलक 12.5% से घटाकर 10% करने पर विचार
जीएसटी काउंसिल द्वारा ज्वैलरी पर जीएसटी 3% से बढ़ाने का प्रस्ताव स्थगित
निष्कर्ष:
चांदी ने 2025 में निवेशकों को सोने से बेहतर रिटर्न दिया है। तकनीकी और मूलभूत दोनों संकेत बताते हैं कि यह रैली जारी रह सकती है। हालांकि, निवेशकों को 1,15,000-1,18,000 रुपये के स्तर पर लाभ बुकिंग का ध्यान रखना चाहिए।



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