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इजरायल-ईरान तनाव से ग्लोबल मार्केट्स में भारी गिरावट

इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद वैश्विक बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली है। इस तनाव के चलते एशियाई बाजार, यूरोपीय शेयर बाजार और अमेरिकी फ्यूचर्स सभी लाल निशान में खुले हैं। भारतीय बाजारों पर भी इसका असर दिखाई दिया है, जहां जीआईएफटी निफ्टी (GIFT Nifty) में 235 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।

 

वैश्विक बाजारों पर क्या असर हुआ?

  1. एशियाई बाजारों में दबाव

जापान का निक्केई 225 2.5% गिरकर 37,000 के स्तर से नीचे आया।

हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 1.8% की गिरावट के साथ खुला।

दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी 1.5% नीचे चला गया।

 

  1. अमेरिकी फ्यूचर्स में गिरावट

S&P 500 फ्यूचर्स 1.2% नीचे हैं।

नैस्डैक फ्यूचर्स में भी 1.5% की कमी दर्ज की गई।

 

  1. तेल और सोने की कीमतों में उछाल

कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमत 3% बढ़कर $92 प्रति बैरल पहुंच गई।

सोना (Gold) $2,400 प्रति औंस के स्तर को छूने के करीब पहुंचा।

 

भारतीय बाजारों पर क्या प्रभाव पड़ा?

  1. जीआईएटी निफ्टी में 235 अंकों की गिरावट

GIFT Nifty (भारतीय शेयर बाजार का ग्लोबल इंडेक्स) 22,150 के स्तर से नीचे आ गया।

यह संकेत दे रहा है कि आज निफ्टी 50 और सेंसेक्स में गिरावट के साथ खुल सकता है।

 

  1. बैंकिंग और आईटी सेक्टर पर दबाव

HDFC बैंक, ICICI बैंक और SBI जैसे प्रमुख शेयरों में बिकवाली देखी जा रही है।

आईटी कंपनियां (TCS, Infosys) भी नरमी के साथ खुल सकती हैं, क्योंकि अमेरिकी बाजारों में गिरावट का असर होता है।

 

  1. रुपये पर दबाव

USD/INR 83.50 के स्तर को पार कर सकता है, क्योंकि डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हो रहा है।

 

विश्लेषक क्या कह रहे हैं?

  1. शॉर्ट-टर्म में अस्थिरता बनी रहेगी

“इजरायल-ईरान तनाव से बाजारों में अस्थिरता बनी रहेगी। निवेशकों को डिफेंसिव स्टॉक्स (FMCG, फार्मा) में पोजीशन लेनी चाहिए।”

 

  1. तेल की कीमतों पर नजर रखनी होगी

“अगर तेल $95 प्रति बैरल से ऊपर जाता है, तो भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ेगा।”

 

  1. RBI की मौद्रिक नीति पर असर?

अगर तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो RBI ब्याज दरों में कटौती करने में देरी कर सकता है।

 

निवेशकों के लिए सुझाव

अस्थिरता के लिए तैयार रहें – बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

गोल्ड और ऑयल स्टॉक्स पर नजर रखें – तेल कंपनियों (ONGC, IOC) और गोल्ड ETF में मौका हो सकता है।

लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए अच्छा मौका – अगर बाजार गिरता है, तो गुणवत्ता वाले शेयरों में खरीदारी करें।

 

निष्कर्ष

इजरायल-ईरान तनाव ने वैश्विक बाजारों में दहशत फैला दी है। भारतीय बाजारों पर भी इसका असर पड़ रहा है, लेकिन अगर स्थिति जल्दी नियंत्रित हो जाती है, तो बाजार रिकवर कर सकता है। निवेशकों को घबराने के बजाय सतर्क रणनीति अपनानी चाहिए।

2 thoughts on “इजरायल-ईरान तनाव से ग्लोबल मार्केट्स में भारी गिरावट

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