आयकर रिटर्न फाइलिंग नियम 2025: जानिए नए बदलाव और जरूरी जानकारी
वित्तीय वर्ष 2024-25 (आकलन वर्ष 2025-26) के लिए आयकर रिटर्न (ITR) फाइलिंग में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इन परिवर्तनों का उद्देश्य करदाताओं के लिए प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाना है, साथ ही कर चोरी की संभावनाओं को कम करना है।
- ITR फॉर्म्स में बदलाव
वर्तमान में, ITR-1 (सहज) और ITR-4 (सुगम) फॉर्म्स ऑनलाइन फाइलिंग के लिए उपलब्ध हैं। ITR-1 उन व्यक्तियों के लिए है जिनकी कुल आय ₹50 लाख तक है और जो वेतन, एक मकान संपत्ति और अन्य स्रोतों से आय प्राप्त करते हैं। ITR-4 उन व्यक्तियों, HUFs और फर्मों (LLP को छोड़कर) के लिए है जो धारा 44AD, 44ADA या 44AE के तहत अनुमानित आय के आधार पर व्यवसाय या पेशे से आय प्राप्त करते हैं।
- ITR फाइलिंग की अंतिम तिथि बढ़ी
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने ITR फाइलिंग की अंतिम तिथि को 31 जुलाई 2025 से बढ़ाकर 15 सितंबर 2025 कर दिया है। यह विस्तार नए ITR फॉर्म्स में किए गए महत्वपूर्ण बदलावों और सिस्टम की तैयारी को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
- स्टैंडर्ड डिडक्शन में वृद्धि
नए टैक्स सिस्टम के तहत, वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 कर दिया गया है। यह बदलाव Form 16 में परिलक्षित होगा और करदाताओं को कर भार कम करने में मदद करेगा।
- डिडक्शन और छूट के लिए विस्तृत जानकारी आवश्यक
पुराने टैक्स सिस्टम के तहत डिडक्शन और छूट का दावा करने के लिए अब विस्तृत जानकारी प्रदान करना अनिवार्य हो गया है। उदाहरण के लिए, HRA क्लेम करने के लिए कार्यस्थल का स्थान, प्राप्त HRA, भुगतान किया गया किराया, मकान मालिक की जानकारी आदि आवश्यक होंगे। इसी तरह, धारा 80C और 80D के तहत डिडक्शन के लिए संबंधित पॉलिसी या रसीद नंबर, PPF के लिए खाता नंबर, स्वास्थ्य बीमा कंपनी का नाम आदि विवरण देना होगा।
- उच्च आय वाले करदाताओं पर विशेष नजर
आयकर विभाग ने उन करदाताओं पर विशेष नजर रखनी शुरू की है जिनकी आय अधिक है लेकिन उन्होंने ITR में सही विवरण नहीं दिया है। ऐसे लगभग 8 लाख करदाताओं की पहचान की गई है और उन्हें नोटिस भेजे जाने की संभावना है।
- नए टैक्स स्लैब और छूट
2025 के बजट में नए टैक्स स्लैब की घोषणा की गई है। नए टैक्स सिस्टम के तहत, ₹12 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। इसके अलावा, स्टैंडर्ड डिडक्शन को शामिल करने के बाद, ₹12.75 लाख तक की आय टैक्स फ्री हो जाएगी। नए टैक्स स्लैब इस प्रकार हैं:
₹4 लाख तक: 0%
₹4 लाख से ₹8 लाख: 5%
₹8 लाख से ₹12 लाख: 10%
₹12 लाख से ₹16 लाख: 15%
₹16 लाख से ₹20 लाख: 20%
₹20 लाख से ₹24 लाख: 25%
₹24 लाख से अधिक: 30%
- फॉर्म 16 में बदलाव
वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए फॉर्म 16 में भी बदलाव किए गए हैं। अब इसमें अन्य आय स्रोतों पर TDS की जानकारी, उच्च स्टैंडर्ड डिडक्शन और NPS में नियोक्ता के योगदान पर अधिक डिडक्शन की जानकारी शामिल होगी। यह बदलाव जून 15, 2025 के बाद जारी होने वाले फॉर्म 16 में परिलक्षित होंगे।
निष्कर्ष
आयकर रिटर्न फाइलिंग के नए नियम करदाताओं के लिए अधिक पारदर्शिता और सरलता लाने के उद्देश्य से लागू किए गए हैं। करदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे समय पर सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें और नए नियमों के अनुसार ITR फाइल करें, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।



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