सच्चे रोम फार्मा लिमिटेड के आईपीओ (प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम) को निवेशकों ने पहले दिन ही भारी समर्थन दिया है। इस आईपीओ को पहले दिन ही 3.91 गुना सब्सक्राइब कर लिया गया, जो कंपनी और मार्केट एक्सपर्ट्स के लिए एक सकारात्मक संकेत है। इस आईपीओ की प्राइस बैंड ₹108 से ₹112 प्रति शेयर तय की गई है, और ग्रे मार्केट में इसके शेयरों की कीमत (GMP) ₹35 तक पहुंच चुकी है, जो लिस्टिंग के बाद मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद जगाती है।
सच्चे रोम आईपीओ की मुख्य विशेषताएं
आईपीओ का आकार: कंपनी ₹41.76 करोड़ जुटाने के लिए 37.29 लाख शेयर जारी कर रही है।
बुक बिल्डिंग प्रक्रिया: आईपीओ 28 जून से शुरू हुआ और 3 जुलाई तक खुला रहेगा।
लिस्टिंग: शेयरों को 10 जुलाई को बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट किया जाएगा।
GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम): ₹35 के जीएमपी के साथ, शेयरों के लिस्टिंग के बाद ₹147 तक पहुंचने की उम्मीद है।
क्यों मचा हुआ है निवेशकों में उत्साह?
कंपनी का मजबूत बिजनेस मॉडल: सच्चे रोम फार्मा एक फार्मास्युटिकल कंपनी है, जो स्टेरॉयड और हार्मोन-आधारित दवाओं के निर्माण में विशेषज्ञता रखती है। इसका बाजार में अच्छा खासा दबदबा है।
वित्तीय प्रदर्शन: कंपनी ने FY23 में ₹29.7 करोड़ का राजस्व और ₹5.6 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया था। इसका राजस्व और मुनाफा पिछले वर्षों में स्थिर रूप से बढ़ रहा है।
आकर्षक वैल्यूएशन: आईपीओ की कीमत ₹112 प्रति शेयर पर, कंपनी का P/E अनुपात लगभग 15 है, जो इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाता है।
कैसे हुआ सब्सक्रिप्शन?
पहले दिन ही आईपीओ को विभिन्न श्रेणियों में अच्छी प्रतिक्रिया मिली:
रिटेल निवेशकों की श्रेणी: 3.45 गुना सब्सक्राइब
NII (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स): 4.12 गुना सब्सक्राइब
QIB (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स): अभी तक धीमी गति, लेकिन आखिरी दिनों में तेजी आने की उम्मीद
GMP क्या संकेत दे रहा है?
ग्रे मार्केट में सच्चे रोम के शेयरों की कीमत ₹35 के प्रीमियम पर ट्रेड हो रही है, जो लिस्टिंग के बाद 30% से अधिक की संभावित छलांग की ओर इशारा करता है। हालांकि, GMP हमेशा सटीक संकेत नहीं देता, लेकिन यह निवेशकों के मनोबल को दर्शाता है।
क्या इस आईपीओ में निवेश करना चाहिए?
विश्लेषकों के अनुसार, सच्चे रोम फार्मा एक स्थिर और विकासशील कंपनी है, जिसका आईपीओ अच्छी प्रतिक्रिया प्राप्त कर रहा है। हालांकि, निवेशकों को निम्न बातों पर ध्यान देना चाहिए:
फार्मा सेक्टर में जोखिम: रेगुलेटरी चुनौतियां और मार्केट प्रतिस्पर्धा का असर हो सकता है।
लिस्टिंग गेन पर निर्भरता: GMP के आधार पर अटकलें लगाने के बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स को समझें।
लॉन्ग-टर्म पोटेंशियल: अगर कंपनी भविष्य में अपना उत्पाद पोर्टफोलियो बढ़ाती है, तो यह एक अच्छा इन्वेस्टमेंट हो सकता है।
निष्कर्ष
सच्चे रोम फार्मा का आईपीओ निवेशकों के बीच जबरदस्त उत्साह के साथ शुरू हुआ है। अगर यही ट्रेंड जारी रहा, तो यह आईपीओ कई गुना सब्सक्राइब हो सकता है। लिस्टिंग के बाद शेयरों के मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है, लेकिन निवेशकों को सावधानीपूर्वक निर्णय लेना चाहिए। फिलहाल, बाजार की नजरें इस आईपीओ के आखिरी दिनों के सब्सक्रिप्शन और लिस्टिंग पर टिकी हुई हैं।